ISKCON Desire Tree - Devotee Network

Connecting Devotees Worldwide - In Service Of Srila Prabhupada

Audio - full collection

Vaishnava Songs

Srimad Bhagavatam Class

Bhagavad Gita Class

Bhagavad Gita Audio

Ringtones

SoundCloud/iskcondesiretree

Radio

Radha Gopinath Media

E-Counseling

E–सलाह Hindi

Videos

YouTube/iskcondesiretree

Videos (Categorised)

Live Broadcast

ASK A HARE KRSNA

 

Photos

Daily Deity Darshan

Spiritual Wallpapers

Powerpoints

Posters

Flickr

Blogs

Forum

Chat

eBooks

Vaishnava Calendar

Ekadashi

ISSUU/iskcondesiretree

Quora/iskcondesiretree

Press room

Gaudiya History

Holy Dham

Veg Recipes

ISKCON Web Directory

Hare Krishna Japa

Hare Krishna Calendar

Quotes

Spiritual Names

Apps

Ask a doctor

 

Gita Daily

Bhagavatam Daily

How I came

ISKCON Centers

ISKCON Leaders

ISKCON Book Distribution

Back To Godhead India

Bhakti Courses

Kids

Gurukul

Comics

Games

Vedic Quiz






 

 

An Appeal        About Us        Donate       Contact Us

हिंदी भाषी भक्त-संग - Hindi

Information

हिंदी भाषी भक्त-संग - Hindi

आज कल इंटरनेट के युग में हर कोई एक दूसरे से जुड़ा हुआ है । लेकिन अधिकाधिक अंग्रेज़ी का ही प्रयोग कि जाने की वजह से बहुत समय से  हिंदी भाषी भक्तों को एक कमी महसूस हो रही थी। 

ISKCON Desire Tree की ऒर से एक छोटा सा प्रयास है की हम हिंदी भाषी भक्तो के बीच भी पहुंचें और भाषा की बाधा के कारण इंटरनेट पर साधू-संग से वंचित हो रहे भक्तों को एक साथ एक ही मंच पर ला सकें । 

आप सभी से अनुरोध है की अधिक से अधिक भक्तों  को इस से जोड़ें एवं इस सुविधा का लाभ लेने के लिए प्रेरित करें । 

Members: 24
Latest Activity: Sep 9

अब फेसबुक पर भी: ISKCON Desire Tree-हिंदी

अब फेसबुक पर भी: ISKCON Desire Tree-हिंदी

यह सब चीजें भगवान का उपहार है, और इन सबसे भगवान की महिमा का प्रचार करना चाहिये।

 दो प्रकार के साधु हैं एक है भजनानंदी जो खुद के भजन में संतुष्ट होते हैं। और दूसरे प्रकार के साधु है गोष्ठियाँनन्दी, गोष्ठी मतलब जन समागम में रहते हैं प्रचार करने के लिये । सब लोगों को कहते हैं - “हे भाईयों, हे बहनों देखो विचार करो, आपके जीवन का क्या उद्देश्य है ?” उद्देश्य होना चाहिये कृष्ण भक्ति का, तो क्यों हम जीवन काम, क्रोध, मद, मोह, लोभ का विस्तार करने के लिये इस्तेमाल करते हैं, इसलिए ये सब कृष्ण सेवा में लगाना चाहिये। हर व्यक्ति का हर प्रयास, हर व्यक्ति का हर वचन, हर व्यक्ति का चिंतन खाली कृष्ण पर केन्द्रित हो। पूरे समाज में हर व्यक्ति का एक ही चिंतन एक ही ध्यान होगा। कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण कृष्ण ।

सब सहयोगिता में कृष्ण सेवा करेंगे, यह सब संभव होगा केवल कृष्ण भक्ति प्रचार से ।

Discussion Forum

पवित्र नाम की शक्ति

Started by ved pathak May 31, 2016. 0 Replies

एक बार अकबर और उनके मंत्री बीरबल जंगल के रास्ते से जा रहे थे। लम्बी दूरी की यात्रा करके वे इतने थक गए तो उन्होंने एक पेड़ के नीचे बैठने का निश्चय किया। लम्बी यात्रा के पश्चात उनको भूख लगी तब अकबर ने…Continue

Tags: शक्ति, की, नाम, पवित्र

नारद मुनि और शिकारी मृगारी

Started by ved pathak May 30, 2016. 0 Replies

एक बार देवर्षि नारद मुनि भगवान से मिलने बैकुंठ गए। उसके पश्चात वे त्रिवेणी संगम (प्रयाग इलाहबाद) में पवित्र स्नान किये। त्रिवणी जहाँ तीनो पवित्र नदियों का संगम अर्थात गंगा जी, जमुना जी और सरस्वती जी…Continue

Tags: मृगारी, शिकारी, और, मुनि, नारद

भगवन के दास का दास बनने की महिमा

Started by ved pathak May 25, 2016. 0 Replies

आप सभी को हरे कृष्णा, एक जंगल में एक संत अपनी कुटिया में रहते थे। एक किरात (शिकारी), जब भी वहाँ से निकलता संत को प्रणाम ज़रूर करता था।एक दिन किरात संत से बोला की मैं तो मृग का शिकार करता हूँ,आप किसका…Continue

Tags: and, saint, hunter, lord's, of

पूर्ण विश्वास

Started by ved pathak May 5, 2016. 0 Replies

हरे कृष्णएक बार एक नगर में जहाँ अत्यंत ही सूखा पड़ा था जहाँ कई वर्षों से वर्षा नहीं हो रही थी, लोंगो ने बैठक बुलाई और सभी ने निश्चय किया की हमे यज्ञ करना चाहिए।सभी ने एक दूसरे के विचार की सहमति जताकर…Continue

 
 
 

Online Statistics

© 2017   Created by ISKCON desire tree network.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service